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आज का पंचांग, 5 अक्टूबर 2026

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आज सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 है। आज की तिथि कृष्ण दशमी है, जो रात 2:07, 6 अक्टूबर तक रहेगी, फिर एकादशी। राहुकाल सुबह 7:44 से सुबह 9:12 तक।

अपडेट: 5 अक्टूबर 2026, रात 9:33 IST · गलत समय की सूचना दें

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026

दिल्ली

आज की तिथि

कृष्ण दशमी

रात 2:07, 6 अक्टूबर तक, फिर एकादशी

नक्षत्र
पुष्य
रात 11:09 तक, फिर आश्लेषा
योग
शिव
सुबह 9:51 तक, फिर सिद्ध
करण
वणिज
दोपहर 2:59 तक, फिर विष्टि (भद्रा)
मास
आश्विन
विक्रम संवत 2083

अभी

राहुकाल: सुबह 7:44 से सुबह 9:12 तक

आज का पूरा पंचांग

वार
सोमवार
तिथि
कृष्ण दशमीरात 2:07, 6 अक्टूबर तक, फिर एकादशी
नक्षत्र
पुष्यरात 11:09 तक, फिर आश्लेषा
योग
शिवसुबह 9:51 तक, फिर सिद्ध
करण
वणिजदोपहर 2:59 तक, फिर विष्टि (भद्रा)
मास
आश्विनपूर्णिमांत; अमांत: भाद्रपद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन
चंद्र राशि
कर्कपूरे दिन-रात
सूर्य राशि
कन्या
दिशा शूल
पूर्वउपाय: दही खाकर निकलें
भद्रा
दोपहर 2:59 से रात 2:07, 6 अक्टूबर तक

शुभ समय

  • ब्रह्म मुहूर्त

    सुबह 4:38 से सुबह 5:27 तक

  • अभिजित मुहूर्त

    सुबह 11:45 से दोपहर 12:32 तक

  • विजय मुहूर्त

    दोपहर 2:07 से दोपहर 2:54 तक

  • निशिता मुहूर्त

    रात 11:45 से रात 12:34, 6 अक्टूबर तक

अशुभ समय

  • राहुकाल

    सुबह 7:44 से सुबह 9:12 तक

  • यमगंड

    सुबह 10:41 से दोपहर 12:09 तक

  • गुलिक काल

    दोपहर 1:37 से दोपहर 3:05 तक

  • दुर्मुहूर्त

    दोपहर 12:32 से दोपहर 1:19 तक

    दोपहर 2:54 से दोपहर 3:41 तक

  • भद्रा

    दोपहर 2:59 से रात 2:07, 6 अक्टूबर तक

सूर्योदय से सूर्योदय तक

शुभअशुभअभी
राहुकालअभिजित
सुबह 6:169:0012:003:009:0012:003:00शाम 6:02

दिन का चौघड़िया

अमृतशुभसुबह 6:16 – सुबह 7:44
कालत्याज्यसुबह 7:44 – सुबह 9:12
शुभशुभसुबह 9:12 – सुबह 10:41
रोगत्याज्यसुबह 10:41 – दोपहर 12:09
उद्वेगत्याज्यदोपहर 12:09 – दोपहर 1:37
चरसामान्यदोपहर 1:37 – दोपहर 3:05
लाभशुभदोपहर 3:05 – शाम 4:34
अमृतशुभशाम 4:34 – शाम 6:02

रात का चौघड़िया

चरसामान्यशाम 6:02 – रात 7:34
रोगत्याज्यरात 7:34 – रात 9:06
कालत्याज्यरात 9:06 – रात 10:37
लाभशुभरात 10:37 – रात 12:09
उद्वेगत्याज्यरात 12:09 – रात 1:41
शुभशुभरात 1:41 – रात 3:13
अमृतशुभरात 3:13 – सुबह 4:44
चरसामान्यसुबह 4:44 – सुबह 6:16

सूर्य और चंद्र

आने वाले व्रत-त्योहार

व्रत-त्योहार 2026
  1. 6 अक्टूबर मंगलवारइंदिरा एकादशी
  2. 8 अक्टूबर गुरुवारप्रदोष व्रत
  3. 8 अक्टूबर गुरुवारमासिक शिवरात्रि
  4. 10 अक्टूबर शनिवारसर्वपितृ अमावस्या
  5. 11 अक्टूबर रविवारशारदीय नवरात्रि आरंभ
  6. 14 अक्टूबर बुधवारविनायक चतुर्थी
  7. 19 अक्टूबर सोमवारदुर्गा अष्टमी
  8. 19 अक्टूबर सोमवारमहानवमी
  9. 20 अक्टूबर मंगलवारदशहरा (विजयादशमी)
  10. 22 अक्टूबर गुरुवारपापांकुशा एकादशी
  11. 23 अक्टूबर शुक्रवारप्रदोष व्रत
  12. 25 अक्टूबर रविवारशरद पूर्णिमाचंद्रोदय शाम 4:56

अगले 7 दिन

  1. मंगलवार6 अक्टूबरकृष्ण एकादशीइंदिरा एकादशी
  2. बुधवार7 अक्टूबरकृष्ण द्वादशी
  3. गुरुवार8 अक्टूबरकृष्ण त्रयोदशीप्रदोष व्रतमासिक शिवरात्रि
  4. शुक्रवार9 अक्टूबरकृष्ण चतुर्दशी
  5. शनिवार10 अक्टूबरअमावस्यासर्वपितृ अमावस्या
  6. रविवार11 अक्टूबरशुक्ल प्रतिपदाशारदीय नवरात्रि आरंभ
  7. सोमवार12 अक्टूबरशुक्ल द्वितीया

दिल्ली में कालकाजी मंदिर, झंडेवालान मंदिर और लक्ष्मीनारायण (बिड़ला) मंदिर में पर्वों पर सबसे ज़्यादा भीड़ रहती है। छठ पर यमुना के घाटों पर अर्घ्य सूर्यास्त और अगले सूर्योदय पर दिया जाता है — दिल्ली के ये दोनों समय ऊपर दिए गए हैं।

इस पेज के बारे में

यह पेज दिल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए आज का पूरा पंचांग दिखाता है — तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय-सूर्यास्त, राहुकाल, चौघड़िया और शुभ मुहूर्त। सारे समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं और रात 12 बजे अपने-आप नई तारीख के साथ बदल जाते हैं। किसी और शहर में हों तो ऊपर "शहर बदलें" से अपना शहर चुनें: सूर्योदय से जुड़े सभी समय शहर के साथ बदलते हैं।

पंचांग के पाँच अंग

तिथि चंद्रमा और सूर्य के बीच की दूरी से बनती है: चंद्रमा सूर्य से हर 12 अंश आगे निकलता है तो एक तिथि पूरी होती है। इसलिए महीने में 30 तिथियाँ होती हैं और हर तिथि लगभग 19 से 26 घंटे की होती है। वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। नक्षत्र बताता है कि चंद्रमा आकाश के 27 बराबर हिस्सों (हर हिस्सा 13°20′) में से किसमें है। योग सूर्य और चंद्रमा के निरयन भोगांश के जोड़ से बनता है, और करण आधी तिथि होता है।

दिन की तिथि वही मानी जाती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो (उदया तिथि)। इसलिए ऊपर लिखी "आज की तिथि" दिल्ली के आज के सूर्योदय (सुबह 6:16) पर चल रही तिथि है, भले ही वह दिन में बदल जाए। कभी कोई तिथि दो सूर्योदयों को छू लेती है (वृद्धि तिथि) और कभी दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर खत्म हो जाती है (क्षय तिथि) — ऐसे दिन हम पेज पर अलग से सूचना देते हैं।

राहुकाल, यमगंड और गुलिक

ये तीनों काल सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं; वार से तय होता है कि कौन-सा भाग किस काल का है। राहुकाल सोमवार को दूसरे, शनिवार को तीसरे, शुक्रवार को चौथे, बुधवार को पाँचवें, गुरुवार को छठे, मंगलवार को सातवें और रविवार को आठवें भाग में आता है। इसी वजह से दिल्ली का आज का राहुकाल (सुबह 7:44 से सुबह 9:12 तक) दूसरे शहरों से कुछ मिनट अलग हो सकता है। परंपरा में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू करने के लिए राहुकाल टाला जाता है।

चौघड़िया और शुभ मुहूर्त

चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ को शुभ, चर को सामान्य (यात्रा के लिए ठीक) और उद्वेग, काल व रोग को त्याज्य माना जाता है। अभिजित मुहूर्त दिन का आठवाँ मुहूर्त है, जो दोपहर के आसपास पड़ता है (बुधवार को इसे नहीं लिया जाता)। ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले का वह समय है जिसे पूजा, ध्यान और पढ़ाई के लिए श्रेष्ठ माना गया है।

यह पंचांग कैसे बनता है

यह पंचांग किसी दूसरी वेबसाइट से कॉपी नहीं किया गया है। सूर्य और चंद्रमा की स्थिति खगोलीय गणना से निकाली जाती है, जिसे हम NASA JPL के DE440 पंचांग से मिलाकर जाँचते हैं। अयनांश लाहिड़ी (चित्रपक्ष) है, जिसे भारत सरकार का राष्ट्रीय पंचांग भी मानता है। सूर्योदय वह क्षण है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखता है। पूरी विधि गणना पद्धति पेज पर है। कोई समय गलत लगे तो हमें बताइए — हर सुधार सार्वजनिक सूची में दर्ज होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

आज कौन सी तिथि है?

आज सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय के समय कृष्ण दशमी तिथि है। यह रात 2:07, 6 अक्टूबर तक रहेगी, उसके बाद एकादशी शुरू होगी। (समय दिल्ली के लिए)

आज कौन सा दिन है?

आज सोमवार है, तारीख 5 अक्टूबर 2026। हिंदू पंचांग के अनुसार आज आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की दशमी है (विक्रम संवत 2083)।

आज राहुकाल कितने बजे है?

दिल्ली में आज राहुकाल सुबह 7:44 से सुबह 9:12 तक है। यमगंड सुबह 10:41 से दोपहर 12:09 तक और गुलिक काल दोपहर 1:37 से दोपहर 3:05 तक है।

आज का शुभ मुहूर्त क्या है?

आज अभिजित मुहूर्त सुबह 11:45 से दोपहर 12:32 तक है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:38 से सुबह 5:27 तक और विजय मुहूर्त दोपहर 2:07 से दोपहर 2:54 तक है। चौघड़िया में अमृत, शुभ और लाभ के समय भी शुभ माने जाते हैं — पूरी सूची ऊपर है।

आज दिशा शूल किस दिशा में है?

आज सोमवार है, इसलिए दिशा शूल पूर्व दिशा में है। उस दिशा में यात्रा ज़रूरी हो तो परंपरा के अनुसार दही खाकर निकलें।

आज सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

दिल्ली में आज सूर्योदय सुबह 6:16 और सूर्यास्त शाम 6:02 पर है। चंद्रोदय: रात 12:35; चंद्रास्त: दोपहर 2:47।

अलग-अलग पंचांगों में समय अलग क्यों दिखता है?

तीन कारण सबसे आम हैं: शहर (सूर्योदय हर शहर में अलग होता है), सूर्योदय की परिभाषा (सूर्य का ऊपरी किनारा या केंद्र) और मास की पद्धति (उत्तर भारत में पूर्णिमांत, महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत में अमांत)। तिथि और नक्षत्र बदलने का क्षण पूरे भारत में एक ही होता है; अंतर सूर्योदय से जुड़े समयों में आता है।

क्या एक तिथि दो दिन तक रह सकती है?

हाँ। तिथि की लंबाई 19 से 26 घंटे तक बदलती है, इसलिए कभी कोई तिथि लगातार दो सूर्योदयों पर रहती है (वृद्धि) और कभी किसी तिथि में एक भी सूर्योदय नहीं पड़ता (क्षय)। व्रत-त्योहार की तारीख तय करते समय इन्हीं नियमों को देखा जाता है।

शहर के अक्षांश-देशांतर पर, NASA JPL से जाँची गई खगोल गणना और लाहिड़ी अयनांश से। सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में। Panchang Darshan.

शहर बदलें

    आपका शहर सिर्फ़ इसी फ़ोन पर याद रखा जाता है।