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पंचांग दर्शन
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अक्टूबर से दिसंबर तक हर तारीख के नीचे उस दिन सूर्योदय के समय की तिथि लिखी है, और रंगीन निशान व्रत-त्योहार बताते हैं। अगला बड़ा पर्व: 11 अक्टूबर 2026, रविवार — शारदीय नवरात्रि आरंभ। किसी भी तारीख को चुनकर उस दिन का पूरा पंचांग देखें।

दिल्ली · ISTविक्रम संवत 2083

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अक्टूबर 2026

आश्विन – कार्तिक · विक्रम संवत 2083

रविसोममंगलबुधगुरुशुक्रशनि
1कृपंचमी2कृषष्ठी3कृसप्तमी
4कृनवमी5कृदशमी6कृएकादशी7कृद्वादशी8कृत्रयोदशी9कृचतुर्दशी10अमावस्या
11शुप्रतिपदा12शुद्वितीया13शुतृतीया14शुचतुर्थी15शुपंचमी16शुषष्ठी17शुसप्तमी
18शुसप्तमी19शुअष्टमी20शुनवमी21शुदशमी22शुएकादशी23शुद्वादशी24शुत्रयोदशी
25शुचतुर्दशी26पूर्णिमा27कृप्रतिपदा28कृतृतीया29कृचतुर्थी30कृपंचमी31कृषष्ठी

हर तारीख के नीचे सूर्योदय की तिथि · शु = शुक्ल पक्ष, कृ = कृष्ण पक्ष

अक्टूबर 2026 के व्रत-त्योहार

  1. 6 अक्टूबर मंगलवारइंदिरा एकादशी
  2. 8 अक्टूबर गुरुवारप्रदोष व्रत
  3. 8 अक्टूबर गुरुवारमासिक शिवरात्रि
  4. 10 अक्टूबर शनिवारसर्वपितृ अमावस्या
  5. 11 अक्टूबर रविवारशारदीय नवरात्रि आरंभ
  6. 14 अक्टूबर बुधवारविनायक चतुर्थी
  7. 19 अक्टूबर सोमवारदुर्गा अष्टमी
  8. 19 अक्टूबर सोमवारमहानवमी
  9. 20 अक्टूबर मंगलवारदशहरा (विजयादशमी)
  10. 22 अक्टूबर गुरुवारपापांकुशा एकादशी
  11. 23 अक्टूबर शुक्रवारप्रदोष व्रत
  12. 25 अक्टूबर रविवारशरद पूर्णिमा
  13. 26 अक्टूबर सोमवारआश्विन पूर्णिमा
  14. 29 अक्टूबर गुरुवारकरवा चौथ
  15. 29 अक्टूबर गुरुवारसंकष्टी चतुर्थी

नवंबर 2026

कार्तिक – मार्गशीर्ष · विक्रम संवत 2083

रविसोममंगलबुधगुरुशुक्रशनि
1कृसप्तमी2कृअष्टमी3कृनवमी4कृदशमी5कृएकादशी6कृद्वादशी7कृत्रयोदशी
8कृचतुर्दशी9अमावस्या10शुप्रतिपदा11शुद्वितीया12शुतृतीया13शुचतुर्थी14शुपंचमी
15शुषष्ठी16शुसप्तमी17शुअष्टमी18शुनवमी19शुनवमी20शुदशमी21शुद्वादशी
22शुत्रयोदशी23शुचतुर्दशी24पूर्णिमा25कृप्रतिपदा26कृद्वितीया27कृतृतीया28कृपंचमी
29कृषष्ठी30कृसप्तमी

हर तारीख के नीचे सूर्योदय की तिथि · शु = शुक्ल पक्ष, कृ = कृष्ण पक्ष

नवंबर 2026 के व्रत-त्योहार

  1. 5 नवंबर गुरुवाररमा एकादशी
  2. 6 नवंबर शुक्रवारधनतेरस
  3. 6 नवंबर शुक्रवारप्रदोष व्रत
  4. 7 नवंबर शनिवारमासिक शिवरात्रि
  5. 8 नवंबर रविवारनरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली)
  6. 8 नवंबर रविवारदीपावली (लक्ष्मी पूजन)
  7. 9 नवंबर सोमवारकार्तिक अमावस्या
  8. 10 नवंबर मंगलवारगोवर्धन पूजा
  9. 11 नवंबर बुधवारभाई दूज
  10. 13 नवंबर शुक्रवारविनायक चतुर्थी
  11. 15 नवंबर रविवारछठ पूजा (संध्या अर्घ्य)
  12. 20 नवंबर शुक्रवारदेवउठनी एकादशी
  13. 22 नवंबर रविवारप्रदोष व्रत
  14. 24 नवंबर मंगलवारकार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली)
  15. 27 नवंबर शुक्रवारसंकष्टी चतुर्थी

दिसंबर 2026

मार्गशीर्ष – पौष · विक्रम संवत 2083

रविसोममंगलबुधगुरुशुक्रशनि
1कृअष्टमी2कृनवमी3कृदशमी4कृएकादशी5कृद्वादशी
6कृत्रयोदशी7कृचतुर्दशी8अमावस्या9शुप्रतिपदा10शुप्रतिपदा11शुद्वितीया12शुतृतीया
13शुचतुर्थी14शुपंचमी15शुषष्ठी16शुसप्तमी17शुअष्टमी18शुनवमी19शुदशमी
20शुएकादशी21शुद्वादशी22शुत्रयोदशी23शुचतुर्दशी24कृप्रतिपदा25कृद्वितीया26कृतृतीया
27कृचतुर्थी28कृपंचमी29कृषष्ठी30कृसप्तमी31कृअष्टमी

हर तारीख के नीचे सूर्योदय की तिथि · शु = शुक्ल पक्ष, कृ = कृष्ण पक्ष

दिसंबर 2026 के व्रत-त्योहार

  1. 4 दिसंबर शुक्रवारउत्पन्ना एकादशी
  2. 6 दिसंबर रविवारप्रदोष व्रत
  3. 7 दिसंबर सोमवारमासिक शिवरात्रि
  4. 8 दिसंबर मंगलवारमार्गशीर्ष अमावस्या
  5. 13 दिसंबर रविवारविनायक चतुर्थी
  6. 20 दिसंबर रविवारमोक्षदा एकादशी
  7. 21 दिसंबर सोमवारसोम प्रदोष व्रत
  8. 23 दिसंबर बुधवारमार्गशीर्ष पूर्णिमा
  9. 26 दिसंबर शनिवारसंकष्टी चतुर्थी

इस पेज के बारे में

कैलेंडर कैसे पढ़ें

हर खाने में ऊपर अंग्रेज़ी तारीख है और नीचे उस दिन सूर्योदय के समय चल रही तिथि। "शु" का अर्थ शुक्ल पक्ष और "कृ" का अर्थ कृष्ण पक्ष है; पूर्णिमा और अमावस्या चंद्रमा के निशान से अलग दिखती हैं। हर महीने के ऊपर उस दौरान पड़ने वाले हिंदू मास और विक्रम संवत लिखे हैं, और नीचे उस महीने के सारे व्रत-त्योहार तारीख और वार के साथ।

कभी कोई तिथि दो सूर्योदय तक रहती है (तिथि वृद्धि), तब वही तिथि लगातार दो दिन दिखती है। और कभी कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर खत्म हो जाती है (तिथि क्षय), तब वह किसी खाने में नहीं दिखती। छपे हुए पंचांग भी तिथि इसी तरह लिखते हैं।

त्योहार वाले दिन दूसरी तिथि क्यों दिखती है

त्योहार उस दिन मनाया जाता है जिस दिन उसकी तिथि पूजा के समय हो, सूर्योदय के समय नहीं। दशहरा अपराह्न में दशमी देखकर, दीपावली प्रदोष काल में अमावस्या देखकर और करवा चौथ चंद्रोदय के समय चतुर्थी देखकर मनाया जाता है। इसलिए किसी त्योहार के खाने में सूर्योदय वाली पिछली तिथि दिख सकती है; त्योहार की तारीख फिर भी सही है।

हिंदू मास के नाम

यह कैलेंडर उत्तर भारत की पूर्णिमांत गणना से मास के नाम देता है, जिसमें नया मास पूर्णिमा के अगले दिन शुरू होता है। महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत की अमांत गणना में मास अमावस्या के बाद बदलता है, इसलिए कृष्ण पक्ष में वहाँ का मास एक पीछे होता है: उत्तर का कार्तिक कृष्ण वहाँ आश्विन कृष्ण कहलाता है। तिथि दोनों में एक ही रहती है।

सभी तारीखें दिल्ली के सूर्योदय और भारतीय मानक समय (IST) के अनुसार हैं। दूसरे शहरों में तिथि बहुत कम बदलती है; जब कोई तिथि सूर्योदय के आसपास बदलती है, तब एक दिन का अंतर आ सकता है। अपने शहर के लिए किसी भी तारीख का पंचांग खोलकर शहर बदलें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

2026 में अक्टूबर से दिसंबर तक बड़े त्योहार कब हैं?

शारदीय नवरात्रि आरंभ: 11 अक्टूबर 2026, रविवार; दशहरा (विजयादशमी): 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार; करवा चौथ: 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार; धनतेरस: 6 नवंबर 2026, शुक्रवार; नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली): 8 नवंबर 2026, रविवार; दीपावली (लक्ष्मी पूजन): 8 नवंबर 2026, रविवार; भाई दूज: 11 नवंबर 2026, बुधवार; छठ पूजा (संध्या अर्घ्य): 15 नवंबर 2026, रविवार। हर महीने की पूरी सूची कैलेंडर के नीचे दी गई है।

कैलेंडर में लिखी तिथि किस समय की है?

उस दिन दिल्ली में सूर्योदय के समय चल रही तिथि की। तिथि दिन में कभी भी बदल सकती है; उसका सही आरंभ और समाप्ति समय जानने के लिए तारीख चुनकर उस दिन का पूरा पंचांग देखें।

त्योहार वाले दिन कैलेंडर में दूसरी तिथि क्यों लिखी है?

क्योंकि त्योहार पूजा के समय की तिथि से तय होता है, सूर्योदय की तिथि से नहीं। जैसे दीपावली उस शाम मनाई जाती है जब प्रदोष काल में अमावस्या हो, भले ही सुबह चतुर्दशी रही हो।

शहर के अक्षांश-देशांतर पर, NASA JPL से जाँची गई खगोल गणना और लाहिड़ी अयनांश से। सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में।