एकादशी 2026: व्रत की तारीखें
2026 में कुल 24 एकादशी हैं। अगली एकादशी: 6 अक्टूबर 2026, मंगलवार — इंदिरा एकादशी। तारीखें दिल्ली के सूर्योदय के अनुसार हैं।
दिल्ली · ISTएकादशी 2027
14 जनवरी 2026, बुधवार
षटतिला एकादशी
माघ कृष्ण · आरंभ दोपहर 3:18, 13 जनवरी · समाप्त शाम 5:53, 14 जनवरी
पारण (व्रत खोलने का समय): सुबह 7:14 से सुबह 9:21 तक
29 जनवरी 2026, गुरुवार
जया एकादशी
माघ शुक्ल · आरंभ शाम 4:36, 28 जनवरी · समाप्त दोपहर 1:55, 29 जनवरी
पारण (व्रत खोलने का समय): सुबह 7:10 से सुबह 9:20 तक
13 फ़रवरी 2026, शुक्रवार
विजया एकादशी
फाल्गुन कृष्ण · आरंभ दोपहर 12:22, 12 फ़रवरी · समाप्त दोपहर 2:26, 13 फ़रवरी
पारण (व्रत खोलने का समय): सुबह 7:00 से सुबह 9:14 तक
27 फ़रवरी 2026, शुक्रवार
आमलकी एकादशी
फाल्गुन शुक्ल · आरंभ रात 12:33, 27 फ़रवरी · समाप्त रात 10:33, 27 फ़रवरी
पारण (व्रत खोलने का समय): सुबह 6:47 से सुबह 9:06 तक
15 मार्च 2026, रविवार
पापमोचिनी एकादशी
चैत्र कृष्ण · आरंभ सुबह 8:11, 14 मार्च · समाप्त सुबह 9:16, 15 मार्च
पारण (व्रत खोलने का समय): सुबह 6:29 से सुबह 8:53 तक
29 मार्च 2026, रविवार
कामदा एकादशी
चैत्र शुक्ल · आरंभ सुबह 8:46, 28 मार्च · समाप्त सुबह 7:46, 29 मार्च
पारण (व्रत खोलने का समय): सुबह 6:13 से सुबह 7:10 तक
13 अप्रैल 2026, सोमवार
वरूथिनी एकादशी
वैशाख कृष्ण · आरंभ रात 1:17, 13 अप्रैल · समाप्त रात 1:09, 14 अप्रैल
पारण (व्रत खोलने का समय): सुबह 6:55 से सुबह 8:30 तक
27 अप्रैल 2026, सोमवार
मोहिनी एकादशी
वैशाख शुक्ल · आरंभ शाम 6:07, 26 अप्रैल · समाप्त शाम 6:16, 27 अप्रैल
पारण (व्रत खोलने का समय): सुबह 5:43 से सुबह 8:21 तक
13 मई 2026, बुधवार
अपरा एकादशी
ज्येष्ठ कृष्ण · आरंभ दोपहर 2:52, 12 मई · समाप्त दोपहर 1:30, 13 मई
पारण (व्रत खोलने का समय): सुबह 5:31 से सुबह 8:13 तक
26 मई 2026, मंगलवार
वैष्णव: 27 मई 2026, बुधवार
पद्मिनी एकादशी
अधिक ज्येष्ठ शुक्ल · आरंभ सुबह 5:11, 26 मई · समाप्त सुबह 6:22, 27 मई
पारण (व्रत खोलने का समय): दोपहर 12:45 से दोपहर 2:45 तक
11 जून 2026, गुरुवार
परमा एकादशी
अधिक ज्येष्ठ कृष्ण · आरंभ रात 12:58, 11 जून · समाप्त रात 10:36, 11 जून
पारण (व्रत खोलने का समय): सुबह 5:22 से सुबह 8:09 तक
25 जून 2026, गुरुवार
निर्जला एकादशी
ज्येष्ठ शुक्ल · आरंभ शाम 6:12, 24 जून · समाप्त रात 8:09, 25 जून
पारण (व्रत खोलने का समय): सुबह 5:25 से सुबह 8:12 तक
10 जुलाई 2026, शुक्रवार
वैष्णव: 11 जुलाई 2026, शनिवार
योगिनी एकादशी
आषाढ़ कृष्ण · आरंभ सुबह 8:16, 10 जुलाई · समाप्त सुबह 5:23, 11 जुलाई
पारण (व्रत खोलने का समय): सुबह 10:33 से दोपहर 12:33 तक
25 जुलाई 2026, शनिवार
देवशयनी एकादशी
आषाढ़ शुक्ल · आरंभ सुबह 9:13, 24 जुलाई · समाप्त सुबह 11:34, 25 जुलाई
पारण (व्रत खोलने का समय): सुबह 5:39 से सुबह 8:22 तक
9 अगस्त 2026, रविवार
कामिका एकादशी
श्रावण कृष्ण · आरंभ दोपहर 1:59, 8 अगस्त · समाप्त सुबह 11:05, 9 अगस्त
पारण (व्रत खोलने का समय): सुबह 5:47 से सुबह 8:01 तक
23 अगस्त 2026, रविवार
श्रावण पुत्रदा एकादशी
श्रावण शुक्ल · आरंभ रात 2:00, 23 अगस्त · समाप्त सुबह 4:19, 24 अगस्त
पारण (व्रत खोलने का समय): सुबह 10:49 से दोपहर 12:49 तक
7 सितंबर 2026, सोमवार
अजा एकादशी
भाद्रपद कृष्ण · आरंभ रात 7:29, 6 सितंबर · समाप्त शाम 5:04, 7 सितंबर
पारण (व्रत खोलने का समय): सुबह 6:02 से सुबह 8:32 तक
22 सितंबर 2026, मंगलवार
परिवर्तिनी एकादशी
भाद्रपद शुक्ल · आरंभ रात 8:01, 21 सितंबर · समाप्त रात 9:43, 22 सितंबर
पारण (व्रत खोलने का समय): सुबह 6:09 से सुबह 8:35 तक
6 अक्टूबर 2026, मंगलवार
इंदिरा एकादशी
आश्विन कृष्ण · आरंभ रात 2:07, 6 अक्टूबर · समाप्त रात 12:34, 7 अक्टूबर
पारण (व्रत खोलने का समय): सुबह 6:17 से सुबह 8:37 तक
22 अक्टूबर 2026, गुरुवार
पापांकुशा एकादशी
आश्विन शुक्ल · आरंभ दोपहर 2:12, 21 अक्टूबर · समाप्त दोपहर 2:48, 22 अक्टूबर
पारण (व्रत खोलने का समय): सुबह 6:26 से सुबह 8:42 तक
5 नवंबर 2026, गुरुवार
रमा एकादशी
कार्तिक कृष्ण · आरंभ सुबह 11:03, 4 नवंबर · समाप्त सुबह 10:35, 5 नवंबर
पारण (व्रत खोलने का समय): सुबह 6:36 से सुबह 8:47 तक
20 नवंबर 2026, शुक्रवार
वैष्णव: 21 नवंबर 2026, शनिवार
देवउठनी एकादशी
कार्तिक शुक्ल · आरंभ सुबह 7:16, 20 नवंबर · समाप्त सुबह 6:31, 21 नवंबर
पारण (व्रत खोलने का समय): दोपहर 12:08 से दोपहर 2:08 तक
4 दिसंबर 2026, शुक्रवार
उत्पन्ना एकादशी
मार्गशीर्ष कृष्ण · आरंभ रात 11:03, 3 दिसंबर · समाप्त रात 11:45, 4 दिसंबर
पारण (व्रत खोलने का समय): सुबह 6:59 से सुबह 9:04 तक
20 दिसंबर 2026, रविवार
मोक्षदा एकादशी
मार्गशीर्ष शुक्ल · आरंभ रात 10:09, 19 दिसंबर · समाप्त रात 8:14, 20 दिसंबर
पारण (व्रत खोलने का समय): सुबह 7:09 से सुबह 9:13 तक
इस पेज के बारे में
एकादशी हर पक्ष की ग्यारहवीं तिथि है, इसलिए साल में आम तौर पर 24 एकादशी आती हैं; अधिक मास वाले वर्ष में दो और (पद्मिनी और परमा) जुड़ जाती हैं। व्रत उस दिन रखा जाता है जिस दिन सूर्योदय के समय एकादशी हो।
स्मार्त और वैष्णव परंपरा में कभी-कभी एकादशी अलग-अलग दिन पड़ती है। वैष्णव नियम में अगर सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटा पहले (अरुणोदय) तक दशमी चल रही हो, तो व्रत अगले दिन रखा जाता है। ऐसे वर्षों में हम दोनों तारीखें दिखाते हैं।
पारण (व्रत खोलना) अगले दिन सूर्योदय के बाद, द्वादशी रहते हुए किया जाता है। द्वादशी का पहला चौथाई भाग (हरि वासर) पारण के लिए नहीं लिया जाता, इसलिए कभी पारण का समय थोड़ी देर से शुरू होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
2026 में कितनी एकादशी हैं?
2026 में कुल 24 एकादशी हैं। पूरी सूची ऊपर तारीख, वार और पारण समय के साथ दी गई है।
एकादशी का व्रत कब खोलें?
अगले दिन सूर्योदय के बाद, द्वादशी तिथि खत्म होने से पहले और हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई भाग) बीत जाने के बाद। हर एकादशी के सामने पारण का समय दिया गया है।
स्मार्त और वैष्णव एकादशी में क्या अंतर है?
जब दशमी तिथि अरुणोदय (सूर्योदय से लगभग 96 मिनट पहले) तक रहती है, तब वैष्णव परंपरा व्रत अगले दिन रखती है। बाकी दिनों में दोनों की तारीख एक ही होती है।
शहर के अक्षांश-देशांतर पर, NASA JPL से जाँची गई खगोल गणना और लाहिड़ी अयनांश से। सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में।